ज़्यादातर वित्तीय योजनाएँ एक इमरजेंसी फंड से शुरू होती हैं — यानी नौकरी छूटने, इलाज के बिल या किसी ज़रूरी मरम्मत के लिए अलग रखा गया पैसा। कई लोग इसे बचत खाते में रखते हैं। समझने लायक एक और विकल्प है लिक्विड फंड। यहाँ देखिए कि दोनों की तुलना कैसी है।
मुख्य बातें
- लिक्विड फंड बहुत कम अवधि के डेट और मनी-मार्केट साधनों में निवेश करते हैं।
- ये आमतौर पर जोखिम के पैमाने पर नीचे होते हैं, लेकिन इनकी गारंटी नहीं है और ये बैंक जमा नहीं हैं।
- पैसा आमतौर पर अगले कारोबारी दिन मिल जाता है; कुछ फंड सीमित तुरंत निकासी (इंस्टेंट रिडेम्पशन) की सुविधा देते हैं।
- एक व्यावहारिक तरीका है कि इमरजेंसी फंड को बचत खाते और लिक्विड फंड में बाँट दें।
लिक्विड फंड क्या है?
लिक्विड फंड एक डेट म्यूचुअल फंड है जो 91 दिनों के भीतर मैच्योर होने वाले साधनों में निवेश करता है — जैसे ट्रेज़री बिल, कमर्शियल पेपर, सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट और कम अवधि की सरकारी प्रतिभूतियाँ। क्योंकि ये साधन बहुत कम अवधि के होते हैं, लिक्विड फंड का NAV आमतौर पर स्थिर गति से और छोटे उतार-चढ़ाव के साथ चलता है।
लिक्विड फंड बनाम बचत खाता
| बचत खाता | लिक्विड फंड | |
|---|---|---|
| स्वरूप | बैंक जमा | म्यूचुअल फंड निवेश |
| रिटर्न | बैंक द्वारा तय ब्याज दर | बाज़ार से जुड़ा; कम अवधि की ब्याज दरों के साथ बदलता है |
| सुरक्षा | हर बैंक में ₹5 लाख तक जमा बीमा (DICGC) | कोई गारंटी नहीं; जोखिम कम है, पर शून्य नहीं |
| पैसे तक पहुँच | तुरंत (ATM, UPI) | आमतौर पर अगले कारोबारी दिन; जहाँ सुविधा है, तुरंत निकासी छोटी रकम तक सीमित |
| एग्ज़िट लोड | नहीं | 7 दिन के भीतर निकालने पर छोटा, घटता हुआ एग्ज़िट लोड |
| टैक्स | ब्याज पर आपके स्लैब के अनुसार टैक्स | मुनाफ़े पर आमतौर पर आपके स्लैब के अनुसार टैक्स* |
*1 अप्रैल 2023 या उसके बाद खरीदी गई यूनिट के लिए, लेख लिखे जाने के समय लागू आयकर नियमों के अनुसार। टैक्स कानून बदलते रहते हैं; कृपया किसी टैक्स विशेषज्ञ से पुष्टि करें।
जोखिमों को समझें
लिक्विड फंड कम जोखिम वाली म्यूचुअल फंड श्रेणियों में आते हैं, फिर भी निवेशकों को ये बातें समझनी चाहिए:
- क्रेडिट जोखिम: कोई जारीकर्ता पैसा लौटाने में चूक सकता है। जो फंड ऊँची गुणवत्ता वाले, सरकारी या टॉप-रेटेड पेपर रखते हैं, उनमें यह जोखिम कम होता है।
- ब्याज-दर जोखिम: कम अवधि के कारण बहुत कम, लेकिन ब्याज दरें घटने पर रिटर्न भी घटता है।
- लिक्विडिटी जोखिम: बाज़ार में दबाव के दुर्लभ समय में निकासी प्रभावित हो सकती है।
सिर्फ़ हाल के रिटर्न नहीं — योजना का रिस्कोमीटर, उसका पोटेंशियल रिस्क क्लास (PRC) मैट्रिक्स और पोर्टफ़ोलियो के पेपर की गुणवत्ता भी देखें।
इमरजेंसी फंड बनाने का व्यावहारिक तरीका
कई परिवार अपने इमरजेंसी फंड में 6 महीने के ज़रूरी खर्च रखने का लक्ष्य रखते हैं। एक तरीका है इसे बाँटना:
- 1 महीने का खर्च तुरंत इस्तेमाल के लिए बचत खाते में।
- बाकी महीनों का खर्च लिक्विड फंड में, जिससे आमतौर पर अगले कारोबारी दिन तक पैसा निकाला जा सकता है।
लिक्विड फंड के दूसरे उपयोग
- बोनस या एकमुश्त रकम को थोड़े समय के लिए रखना, जब तक आप तय करें कि उसे कहाँ निवेश करना है।
- इक्विटी फंड में धीरे-धीरे निवेश के लिए सिस्टमैटिक ट्रांसफ़र प्लान (STP) शुरू करना।
- कुछ महीनों में आने वाले किसी तय खर्च के लिए बचत करना।
लिक्विड फंड बैंक खाते का विकल्प नहीं है और इसके रिटर्न तय नहीं होते। निवेश से पहले योजना के दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।
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