भारत में हर म्यूचुअल फंड विज्ञापन, फैक्टशीट आ आवेदन फॉर्म पर एगो आधा-गोल डायल रहेला, जवना के रिस्कोमीटर कहल जाला। ई निवेशक खातिर सबसे आसान आ सबसे काम के साधन में से एगो ह — तबो बहुत लोग एकरा के कबो देखबे ना करेला। इहाँ जानीं कि एकरा के कइसे पढ़ल जाला।
मुख्य बात
- रिस्कोमीटर छह स्तर वाला पैमाना पर कवनो योजना के पोर्टफोलियो के जोखिम स्तर देखावेला।
- एकर हर महीना समीक्षा होला, एही से कवनो योजना के जोखिम स्तर बदल सकेला।
- रिस्कोमीटर के अपना उतार-चढ़ाव सहे के क्षमता आ अपना समय-सीमा से मिलाईं।
रिस्कोमीटर का ह?
रिस्कोमीटर SEBI के अनिवार्य कइल एगो विजुअल संकेतक ह, जवन बतावेला कि कवनो म्यूचुअल फंड योजना के निवेश केतना जोखिम वाला बा। एकर सूई छह में से कवनो एक स्तर पर रुकेला:
| स्तर | आमतौर पर एकर मतलब |
|---|---|
| कम (Low) | बहुत कम अवधि के, ऊँच गुणवत्ता वाला साधन; नुकसान के संभावना कम। |
| कम से मध्यम (Low to Moderate) | जादेतर डेट, सीमित ब्याज-दर आ क्रेडिट जोखिम के साथे। |
| मध्यम (Moderate) | ढेर ब्याज-दर भा क्रेडिट जोखिम वाला डेट, भा कंजर्वेटिव हाइब्रिड। |
| मध्यम से ऊँच (Moderately High) | ठीक-ठाक इक्विटी वाला हाइब्रिड, भा ढेर जोखिम वाला डेट। |
| ऊँच (High) | मुख्य रूप से इक्विटी भा ओही जइसन जोखिम। |
| बहुत ऊँच (Very High) | इक्विटी-आधारित योजना आ सेक्टर, थीमैटिक भा अंतरराष्ट्रीय फंड, जवना में उतार-चढ़ाव ढेर होला। |
ऊपर दिहल विवरण समझे खातिर आसान बनावल गइल बा। कवनो योजना के सटीक जोखिम स्तर AMC, SEBI के पद्धति से तय करेले।
जोखिम स्तर कइसे तय होला?
AMC योजना के असली पोर्टफोलियो के SEBI के तय मापदंड पर परखेले — जइसे इक्विटी खातिर मार्केट कैपिटलाइजेशन आ उतार-चढ़ाव, आ डेट खातिर क्रेडिट गुणवत्ता, ब्याज-दर संवेदनशीलता आ लिक्विडिटी। रिस्कोमीटर के हर महीना समीक्षा होला, आ बदलाव के सूचना यूनिटधारक के दिहल जाला।
डेट फंड खातिर पोटेंशियल रिस्क क्लास (PRC)
डेट फंड एगो पोटेंशियल रिस्क क्लास मैट्रिक्स भी देखावेला। ई एगो ग्रिड ह जवन बतावेला कि योजना अपना नियम के तहत अधिक से अधिक केतना ब्याज-दर जोखिम आ क्रेडिट जोखिम ले सकेला। रिस्कोमीटर अबहीं के पोर्टफोलियो देखावेला, जबकि PRC बाहरी सीमा देखावेला।
रिस्कोमीटर के इस्तेमाल कइसे करीं
- आपन जोखिम प्रोफाइल जानीं। अपना से पूछीं: अगर ई निवेश एक साल में 20% गिर जाव, त का हम निवेश बनवले रखब कि घबरा जाइब?
- एकरा के अपना समय-सीमा से मिलाईं। एक-दू साल में चाहीं वाला पइसा आमतौर पर कम जोखिम वाला श्रेणी खातिर बेहतर बा। लंबा समय के लक्ष्य में आमतौर पर ढेर जोखिम वाला श्रेणी शामिल कइल जा सकेला।
- पूरा पोर्टफोलियो देखीं, खाली एगो योजना ना। अलग-अलग जोखिम स्तर के मिश्रण ठीक हो सकेला।
- समय-समय पर फेर से जाँचीं, काहे कि कवनो योजना के जोखिम स्तर बदल सकेला।
"बहुत ऊँच" रिस्कोमीटर "खराब" ना ह आ "कम" "नीमन" ना ह। ई बस अलग-अलग चीज बतावेला। सवाल ई बा कि ऊ स्तर रउआ लक्ष्य आ सुभाव के अनुकूल बा कि ना।
रिस्कोमीटर का ना बतावेला
- ई रिटर्न के अनुमान ना लगावेला।
- ई ना बतावेला कि कवनो योजना रउआ खातिर सही बा कि ना — ई खाली रउआ (आ रउआ लक्ष्य) तय कर सकीले।
- "कम" जोखिम के मतलब "कवनो" जोखिम ना, अइसन ना ह।
निवेश से पहिले हमेशा रिस्कोमीटर के स्कीम इन्फॉर्मेशन डॉक्यूमेंट के साथे पढ़ीं। अगर कवनो प्रोडक्ट के रउआ सामने "सुरक्षित" भा "गारंटीड" बतावल जाव, बाकिर ओकर रिस्कोमीटर कुछ अउर कहे, त सवाल पूछीं।
पता नइखे कि कवन जोखिम स्तर रउआ खातिर ठीक बा? आईं बात कइल जाव।
